List of top Questions asked in UP Board XII

निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: "भाग्य को भी मैं इसी तरह मानता हूँ। वह तो विधाता का ही दूसरा नाम है। वे सर्वान्तर्यामी और सार्वकालिक रूप में हैं, उनका अस्त ही कब है कि उदय हो। यानी भाग्य के उदय का प्रश्न सदा हमारी अपनी अपेक्षा से है। धरती का रुख सूरज की तरफ हो जाय, यही उसके लिए सूर्योदय है। ऐसे ही मैं मानता हूँ कि हमारा मुख सही भाग्य की तरफ हो जाय तो इसी को भाग्योदय कहना चाहिए।" (क) पाठ एवं लेखक का नाम लिखिए। (ख) भाग्य किसका दूसरा नाम है? (ग) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए। (घ) भाग्य के उदय का प्रश्न किससे है? (ङ) 'सर्वान्तर्यामी' और 'सार्वकालिक' शब्दों के अर्थ लिखिए।