Question:

निम्नलिखित संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए: "ज्ञाने मौनं क्षमा शक्तौ त्यागे श्लाघाविपर्ययः। गुणा गुणानुबन्धित्वात् तस्य सत्प्रसवा इव॥"

Updated On: Sep 23, 2026
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Solution and Explanation

Step 1: सन्दर्भ:
यह श्लोक सज्जन पुरुष के स्वाभाविक गुणों के परस्पर सम्बन्ध पर आधारित एक सुभाषित है।

Step 2: हिन्दी अनुवाद:
ज्ञान होते हुए भी मौन रहना, शक्ति होते हुए भी क्षमा करना, त्याग करते हुए भी प्रशंसा की इच्छा न रखना — ये गुण सज्जन पुरुष में एक-दूसरे से स्वाभाविक रूप से जुड़े होते हैं, मानो एक अच्छी सन्तान की भाँति परस्पर सम्बद्ध हों।

Final Answer:
यह श्लोक विनम्रता, क्षमाशीलता और निःस्वार्थ त्याग को सच्चे सज्जन के स्वाभाविक गुण बताता है।
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