Step 1: परिभाषा एवं उदाहरण:
कुण्डलिया एक मिश्रित मात्रिक छन्द है जो दोहा और रोला के संयोग से बनता है — पहले एक दोहा और फिर एक रोला, इस प्रकार कुल छह चरण होते हैं। इसकी विशेषता यह है कि दोहे का अन्तिम चरण रोला के प्रथम चरण के रूप में तथा कविता का प्रथम शब्द अन्त में पुनः प्रयुक्त होता है। यह नीति और उपदेशपरक विषयों के लिए विशेष रूप से प्रयुक्त होता है, जैसा रहीम और वृन्द के कुण्डलिया छन्दों में देखा जाता है।
Final Answer:
उपर्युक्त परिभाषा एवं उदाहरण द्वारा यह अवधारणा स्पष्ट हो जाती है।