Question:

निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश का सन्दर्भ-सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए: "हिन्दी-संस्कृताङ्ग्लभाषासु अस्य समानः अधिकारः आसीत्। हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्थानाय हितायेति अर्थाय सः निरन्तरं प्रयत्नमकरोत्। शिक्षयैव देशे समाजे च नवीनः प्रकाशः उदेति, अतः श्रीमालवीयः वाराणस्याम् अस्य निर्माणाय अनेकान् जनान् धनम् अयाचत। महत्यस्मिन् ज्ञानयज्ञे प्रभूतं धनमस्मै प्रायच्छन्, तेन निर्मितोऽयं विशालः विश्वविद्यालयः भारतीयानां दानशीलतायाः श्रीमालवीयस्य यशसः च प्रतिमूर्तिरिव विभाति।"

Updated On: Sep 23, 2026
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Solution and Explanation

Step 1: सन्दर्भ:
यह गद्यांश महामना मदनमोहन मालवीय द्वारा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना पर आधारित है।

Step 2: हिन्दी अनुवाद:
हिन्दी, संस्कृत और अंग्रेज़ी — तीनों भाषाओं पर इनका (मालवीय जी का) समान अधिकार था। 'हिन्दी, हिन्दू, हिन्दुस्थान के हित' के लिए वे निरन्तर प्रयत्नशील रहे। शिक्षा से ही देश और समाज में नया प्रकाश उदित होता है, इसी कारण श्री मालवीय जी ने वाराणसी में इस (विश्वविद्यालय) के निर्माण हेतु अनेक लोगों से धन माँगा। इस महान ज्ञान-यज्ञ में लोगों ने प्रचुर धन दिया, जिससे यह विशाल विश्वविद्यालय बना, जो भारतीयों की दानशीलता और मालवीय जी के यश की प्रतिमूर्ति के समान सुशोभित है।

Final Answer:
यह अंश काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना में मालवीय जी के अथक प्रयास और जन-सहयोग को दर्शाता है।
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