निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
“मैं ब्राह्मणी हूँ, मुझे तो अपने धर्म – अतिथि देव की उपासना का पालन करना चाहिए, परन्तु यहाँ...... नहीं–नहीं सब विधर्मी दया के पात्र नहीं। परन्तु यह दया तो नहीं..... कर्तव्य करना है। तब?”
मुग़ल अपनी तलवार टेककर उठ खड़ा हुआ। ममता ने कहा – “क्या आश्चर्य है कि तुम छल करो, ठहरो!”
“छल! नहीं, तब नहीं स्त्री! जाता हूँ, तैमूर का वंशधर स्त्री से छल करेगा? जाता हूँ। भाग्य का खेल है।”