Question:

काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :

‘मैं फूट पड़ा तुम कहते छंद बनाना’ – ‘आत्मपरिचय’ कविता से ली गई इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

Show Hint

सोचिए कि कवि के लिए 'फूट पड़ना' क्या है और संसार उसे क्या समझता है।
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
यह पंक्ति हरिवंशराय बच्चन की कविता 'आत्मपरिचय' से ली गई है।
इसमें कवि अपने और संसार के संबंध को तथा अपनी कविता के स्वरूप को स्पष्ट करते हैं।

चरण 2: पंक्ति का अर्थ:
कवि कहते हैं कि जब उनके हृदय की पीड़ा सहन से बाहर हो गई, तब वह अपने आप शब्दों में फूट पड़ी।
संसार के लोग उसे सोच-समझकर बनाया गया छंद या कलात्मक रचना समझते हैं।

चरण 3: आशय:
कवि के अनुसार उनकी कविता किसी नियम या प्रयास से नहीं बनी, वह भावनाओं का सहज उद्गार है।
उनका रोना ही लोगों को गाना लगता है। इस प्रकार कवि की निजी वेदना ही उनकी कविता का स्रोत है।
यहाँ संसार की उस दृष्टि पर व्यंग्य भी है जो कवि के दुःख को केवल कला मानती है।

अंतिम उत्तर:
आशय यह है कि कवि की कविता उनके हृदय की पीड़ा का स्वाभाविक, सहज विस्फोट है, जिसे संसार भूलवश छंद-रचना की कला समझता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Course-A Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII आत्म-परिचय/एक गीत Questions

View More Questions