Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ कविता में कवि ने यह क्यों कहा है – ‘मैं होऊँ किसके हित चंचल’ ?

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चिड़ियों के बच्चे उनकी राह देखते हैं, पर कवि से मिलने को कोई विकल नहीं है, इसलिए उसके पास चंचल होने का कारण नहीं है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ हरिवंशराय बच्चन का गीत है (आरोह भाग 2, ‘आत्म-परिचय / एक गीत’)। इसमें दिन ढलते समय पथिक और चिड़ियों की जल्दी का चित्र है।
पथिक सोचता है कि कहीं रास्ते में रात न हो जाए, मंज़िल भी दूर नहीं है, इसलिए वह जल्दी-जल्दी चलता है। चिड़ियाँ सोचती हैं कि उनके बच्चे आशा में घोंसलों से झाँक रहे होंगे, यह ध्यान उनके परों में चंचलता भर देता है।

चरण 2: कवि की अपनी स्थिति:
कवि स्वयं अकेला है। वह कहता है – ‘मुझसे मिलने को कौन विकल ? मैं होऊँ किसके हित चंचल ?’ अर्थात उससे मिलने के लिए कोई व्याकुल नहीं है, कोई उसकी राह नहीं देख रहा।

चरण 3: लगभग 40 शब्दों में उत्तर:
चिड़ियों के बच्चे उनकी प्रतीक्षा करते हैं, इसलिए वे जल्दी करती हैं। कवि से मिलने के लिए कोई विकल नहीं है, तो वह किसके लिए चंचल हो ? कविता के अनुसार यही प्रश्न उसके पैरों को शिथिल करता है और हृदय में विह्वलता भर देता है।

अंतिम उत्तर:
कवि ने यह इसलिए कहा क्योंकि उससे मिलने के लिए कोई व्याकुल नहीं है, उसका कोई प्रतीक्षक नहीं है, इसलिए उसके पास चंचल या उतावला होने का कोई कारण नहीं है।
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