Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

संसार में विभिन्न कष्टों और दुःखों से घिरकर भी अपने आस-पास खुशी और मस्ती का माहौल कैसे पैदा किया जा सकता है ? ‘आत्म परिचय’ कविता के आधार पर बताइए।

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कवि जग का भार लेकर भी प्रेम और मस्ती में जीता है। इसी दृष्टि से कष्टों के बीच खुशी का माहौल बनता है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘आत्म-परिचय’ हरिवंशराय बच्चन की कविता है। कवि स्वीकार करता है कि वह संसार के दुखों का भार लेकर भी जीवन से प्रेम करता है।

चरण 2: खुशी पैदा करने का तरीका:
कवि कहता है कि वह जग-जीवन का भार लिए फिरता है, फिर भी अपने जीवन में प्यार लिए फिरता है। वह अपने रुदन में भी राग और मस्ती का संदेश लिए रहता है।
अर्थात दुखों को स्वीकार करके, उनसे घबराए बिना, प्रेम और मस्ती से जिया जा सकता है।

चरण 3: मॉडल उत्तर (लगभग 40 शब्द):
कविता सिखाती है कि दुख जीवन का हिस्सा है, उनसे हार नहीं माननी चाहिए। जैसे कवि कष्टों के बीच भी प्रेम और मस्ती में मग्न रहता है, वैसे ही हम सुख-दुख में समान भाव रखकर अपने आस-पास उल्लास और उमंग का माहौल बना सकते हैं।

अंतिम उत्तर:
दुखों को सहज भाव से अपनाकर और प्रेम व मस्ती के साथ जीकर खुशी का वातावरण बनाया जा सकता है।
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