Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :

‘लू में जाना हो तो पानी पीकर जाना चाहिए’ - ‘बाजार दर्शन’ पाठ में यह वाक्य क्यों और किस संदर्भ में कहा गया ?

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बाज़ार के जादू को लू और मन के भरेपन को पानी मानकर कथन समझिए।
Updated On: Oct 31, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: पाठ और लेखक का परिचय:
‘बाज़ार दर्शन’ जैनेंद्र कुमार का विचारप्रधान निबंध है।
इसमें लेखक बताते हैं कि बाज़ार का जादू मनुष्य को कैसे अनावश्यक खरीदारी के लिए ललचाता है।

चरण 2: कथन का संदर्भ:
लेखक कहते हैं कि बाज़ार जाओ तो मन खाली न हो, मन खाली हो तब बाज़ार न जाओ।
इसी बात को समझाने के लिए वे कहावत देते हैं कि लू में जाना हो तो पानी पीकर जाना चाहिए।
भीतर पानी हो तो लू का असर व्यर्थ हो जाता है।

चरण 3: कथन क्यों कहा गया:
बाज़ार का आकर्षण लू की तरह है और मन का भरापन, यानी अपनी ज़रूरत का स्पष्ट ज्ञान, पानी की तरह है।
जिसका मन लक्ष्य से भरा होता है उस पर बाज़ार का जादू नहीं चलता।
खाली मन वाला व्यक्ति बेकार की चीज़ें खरीदकर बाद में पछताता है।

अंतिम उत्तर:
बाज़ार के जादू से बचने के लिए यह वाक्य कहा गया है। जैसे पानी पीकर निकलने से लू नहीं लगती, वैसे ही अपनी आवश्यकता तय करके भरे मन से बाज़ार जाने पर व्यक्ति अनावश्यक खरीदारी के जाल में नहीं फँसता और बाज़ार से सही लाभ उठा पाता है।
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