Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘बाज़ार दर्शन’ पाठ के लेखक ने किस प्रकार के बाज़ार को मानवता के लिए विडम्बना कहा है ?

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जैनेंद्र कुमार के अनुसार कपट और ठगी पर टिका तथा क्रय-शक्ति के दिखावे वाला बाज़ार सद्भाव घटाता है, इसलिए वह विडम्बना है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: संदर्भ:
‘बाज़ार दर्शन’ जैनेंद्र कुमार का निबंध है। इसमें लेखक ने बाज़ार के जादू, क्रय-शक्ति और बाज़ार की सार्थकता पर विचार किया है।

चरण 2: मुख्य बिंदु:
लेखक के अनुसार जिस बाज़ार में ग्राहक और विक्रेता एक-दूसरे को ठगने की नीयत से मिलते हैं, वह बाज़ार मानवता के लिए विडम्बना है। जहाँ केवल अपनी क्रय-शक्ति का प्रदर्शन किया जाता है और कपट के सहारे लाभ कमाया जाता है, वहाँ बाज़ार अपनी सार्थकता खो देता है।

चरण 3: प्रतिदर्श उत्तर (लगभग 60 शब्द):
लेखक जैनेंद्र कुमार ने उस बाज़ार को मानवता के लिए विडम्बना कहा है जिसमें क्रेता और विक्रेता एक-दूसरे को ठगने की नीयत से मिलते हैं। जहाँ क्रय-शक्ति के दिखावे और कपट से लाभ कमाया जाता है, वहाँ बाज़ार का बाज़ारूपन बढ़ता है, कपट बढ़ता है और आपसी सद्भाव घटता है। ऐसा बाज़ार मनुष्य को मनुष्य से दूर करता है।

अंतिम उत्तर:
कपट, दिखावे और ठगी पर टिका बाज़ार, जो सद्भाव घटाता है, मानवता के लिए विडम्बना है।
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