Question:

गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :

‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ पाठ के आधार पर ‘दासता’ का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।

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कानूनी गुलामी के अलावा लेखक किस विवशता को दासता मानते हैं, यह सोचिए।
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ में डॉ. आंबेडकर स्वतंत्रता, समता और भ्रातृता पर आधारित समाज की बात करते हैं।

चरण 2: दासता का अभिप्राय:
लेखक के अनुसार दासता केवल कानूनी पराधीनता नहीं है।
जब कुछ लोगों को दूसरों द्वारा तय किए गए व्यवहार और कर्तव्यों का पालन करने के लिए विवश होना पड़े, तो वह भी दासता है।

चरण 3: उदाहरण:
अपनी इच्छा से पेशा न चुन पाना भी इसी दासता का रूप है।

अंतिम उत्तर:
दूसरों द्वारा निर्धारित व्यवहार और कर्तव्य मानने की विवशता ही दासता है, भले ही कानूनी गुलामी न हो।
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