Question:

गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए :

‘आंबेडकर के अनुसार शारीरिक वंश परंपरा की दृष्टि से मनुष्य में भिन्नता होने के कारण क्या उनके साथ असमान व्यवहार किया जाना चाहिए ?’ कथन पर टिप्पणी कीजिए।

Show Hint

क्षमता को प्रभावित करने वाली तीन बातें और उनमें व्यक्ति का वश किस पर है, यह सोचिए।
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Solution and Explanation

चरण 1: संदर्भ:
'मेरी कल्पना का आदर्श समाज' में डॉ. आंबेडकर बताते हैं कि मनुष्य की क्षमता तीन बातों पर निर्भर है - शारीरिक वंश परंपरा, सामाजिक उत्तराधिकार और मनुष्य के अपने प्रयत्न।

चरण 2: लेखक का मत:
वंश परंपरा और सामाजिक उत्तराधिकार पर व्यक्ति का कोई वश नहीं होता।
इसलिए इनके आधार पर किसी के साथ असमान व्यवहार करना अन्याय है।
लेखक कहता है कि सबके साथ समान व्यवहार होना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति अपनी क्षमता का पूरा विकास कर सके।

चरण 3: टिप्पणी:
समानता भले ही काल्पनिक लगे, पर समाज के लिए यही व्यावहारिक सिद्धांत है।
सबको समान अवसर देने से ही समाज को प्रत्येक सदस्य की अधिकतम उपयोगिता मिलती है।

अंतिम उत्तर:
नहीं, वंश के आधार पर असमान व्यवहार उचित नहीं; आंबेडकर के अनुसार सभी को समान अवसर और समान व्यवहार मिलना चाहिए।
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