List of top Questions asked in UP Board XII

अपठित गद्यांश: आधुनिक युग में योग का महत्व बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण व्यस्तता और मन की व्यग्रता है। यदि मनुष्य शारीरिक रूप से स्वस्थ है, तो वह संसार में रहकर जीवन का सुख भोग सकता है और अपने सभी कर्तव्यों एवं मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकता है। शरीर ही वह माध्यम है, जिसके द्वारा हम अपने सभी कामों को संपन्न कर सकते हैं। इसलिए अपने शरीर को स्वस्थ रखना हमारा प्रथम कर्तव्य है, जिसे योग द्वारा स्वस्थ बनाया जा सकता है। 21 जून, 2015 को प्रथम बार सम्पूर्ण विश्व में 'विश्व योग दिवस' मनाया गया। इसके साथ ही यह घोषणा भी की गई कि प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
(ii) शरीर का स्वस्थ रहना क्यों आवश्यक है?
अपठित गद्यांश: आधुनिक युग में योग का महत्व बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण व्यस्तता और मन की व्यग्रता है। यदि मनुष्य शारीरिक रूप से स्वस्थ है, तो वह संसार में रहकर जीवन का सुख भोग सकता है और अपने सभी कर्तव्यों एवं मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकता है। शरीर ही वह माध्यम है, जिसके द्वारा हम अपने सभी कामों को संपन्न कर सकते हैं। इसलिए अपने शरीर को स्वस्थ रखना हमारा प्रथम कर्तव्य है, जिसे योग द्वारा स्वस्थ बनाया जा सकता है। 21 जून, 2015 को प्रथम बार सम्पूर्ण विश्व में 'विश्व योग दिवस' मनाया गया। इसके साथ ही यह घोषणा भी की गई कि प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
(i) हमारा प्रथम कर्तव्य क्या है?
अपठित गद्यांश: बाढ़ की विभीषिका का दृश्य बहुत भयानक होता है। चारों ओर अफ़रा-तफ़री का माहौल होता है। लोग अपनी जान बचाने का विफल प्रयास करते नज़र आते हैं। जल-प्रवाह तेज़ होने या नदियों के तटबंध टूटने से आई बाढ़ में लोगों को अपनी जान बचाने का भी मौका नहीं मिलता। मिट्टी तथा खपरैल से बने घर, ताश के पत्तों की तरह बाढ़ के पानी में बहते नज़र आते हैं। लोग जान बचाने के लिए ऊँचे स्थानों की शरण लेते नज़र आते हैं। ऐसी विपदा की स्थिति में नदी में जान बचाने के लिए तैरते साँप दुःख एवं भय को और बढ़ा देते हैं। सरकार द्वारा लोगों को बचाने के लिए नावों एवं हेलीकॉप्टरों से उन तक खाद्य सामग्री पहुँचाने का प्रबंध भी किया जाता है।
(ii) जल-प्रवाह तेज़ होने से क्या प्रभाव पड़ता है?