Question:

“अब तू ही बता, मैं का करूँ ?” – इस कथन से आनंदा की माँ के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है ?

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माँ बेटे की मदद करना चाहती है, पर कर नहीं पाती। इस भाव का नाम सोचिए।
  • विवशता
  • दुर्बलता
  • अक्षमता
  • परवशता
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
यह प्रश्न आनंद यादव की आत्मकथा के अंश 'जूझ' (वितान भाग-2) से है।
आनंदा पढ़ना चाहता है, पर पिता उसे खेती में लगाए रखना चाहते हैं।

चरण 2: कथन का अर्थ:
जब आनंदा माँ से पढ़ाई की बात करता है, तब माँ कहती है – 'अब तू ही बता, मैं का करूँ ?'
माँ बेटे की इच्छा समझती है, पर पति के क्रोध के आगे कुछ नहीं कर पाती।
यह उसकी विवशता को प्रकट करता है।

चरण 3: अन्य विकल्पों की जाँच:
दुर्बलता – शारीरिक या मानसिक कमज़ोरी का भाव है, जो यहाँ प्रमुख नहीं।
अक्षमता – योग्यता की कमी का भाव है, जो यहाँ नहीं है।
परवशता – दूसरे के अधीन होना है, पर इस कथन का मुख्य भाव लाचारी अर्थात विवशता है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 1 – विवशता।
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