Question:

‘मेरी ही पाठशाला मुझे चोंच मार-मार कर घायल कर रही थी।’ – इस पंक्ति का आशय है –

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‘चोंच मारना’ यहाँ शारीरिक चोट नहीं, बार-बार मज़ाक उड़ाने का संकेत है।
  • पाठशाला में आनंदा की खिल्ली उड़ाई जा रही थी।
  • पाठशाला में उसकी पिटाई की जा रही थी।
  • पाठशाला में उसे कटु वचन कहे जा रहे थे।
  • पाठशाला में उसे दण्डित किया जा रहा था।
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग समझिए:
'जूझ' में पाठशाला के पहले दिनों में कक्षा का एक शरारती लड़का चह्वाण आनंदा को तंग करता है।
वह उसका गमछा छीनकर अपने सिर पर लपेट लेता है और मास्टर की नकल करता है। दूसरे लड़के भी आनंदा के पहनावे का मज़ाक उड़ाते हैं।

चरण 2: पंक्ति का आशय:
'चोंच मार-मार कर घायल करना' एक लाक्षणिक प्रयोग है, इसका अर्थ शारीरिक चोट नहीं है।
लेखक कहना चाहता है कि जिस पाठशाला में वह बड़ी लगन से पढ़ने आया था, वहीं उसकी बार-बार खिल्ली उड़ाई जा रही थी और उसका मन दुखी हो रहा था।

चरण 3: अन्य विकल्प:
पिटाई, कटु वचन या दंड देने की बात इस प्रसंग में मुख्य नहीं है, इसलिए विकल्प 2, 3 और 4 गलत हैं।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 1 - पाठशाला में आनंदा की खिल्ली उड़ाई जा रही थी।
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