Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ में श्रम विभाजन का आधार किसे और क्यों नहीं माना जा सकता ?

Show Hint

जाति श्रम विभाजन का आधार नहीं हो सकती, क्योंकि पेशा जन्म से तय होता है, रुचि और क्षमता से नहीं।
Updated On: Oct 27, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझना:
यह प्रश्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के पाठ ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ (आरोह भाग 2) से है। इसमें दो बातें पूछी गई हैं – श्रम विभाजन का आधार किसे नहीं माना जा सकता और क्यों। उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखना है।

चरण 2: मुख्य बिंदु:
श्रम विभाजन का आधार जाति (जन्म) नहीं हो सकता। जाति-प्रथा में पेशा जन्म से तय होता है, व्यक्ति की रुचि और क्षमता नहीं देखी जाती। व्यक्ति पेशा बदल नहीं सकता, इसलिए बेरोज़गारी बढ़ती है और काम में अरुचि आती है।

चरण 3: आदर्श उत्तर:
लेखक के अनुसार श्रम विभाजन का आधार जाति को नहीं माना जा सकता। जाति-प्रथा में व्यक्ति का पेशा उसकी रुचि या योग्यता से नहीं, जन्म से तय होता है। इससे मनुष्य अपनी इच्छा का काम नहीं चुन पाता, अरुचि से काम करता है और पेशा बदलने की छूट न होने से बेरोज़गारी बढ़ती है। इसलिए यह विभाजन अनुचित है।

अंतिम उत्तर:
जाति श्रम विभाजन का आधार नहीं हो सकती, क्योंकि वह रुचि और क्षमता की जगह जन्म के आधार पर काम थोपती है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Course-A Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा/मेरी कल्पना का आदर्श समाज Questions

View More Questions