Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ के आधार पर उन तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए जिनके कारण प्राय: समाज में असमानताएँ दृष्टिगोचर होती हैं।

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आंबेडकर के अनुसार तीन बातें हैं: शारीरिक वंश-परंपरा, सामाजिक उत्तराधिकार (माता-पिता की कल्याण-कामना, शिक्षा, ज्ञानार्जन) और व्यक्ति के अपने प्रयत्न।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘श्रम विभाजन और जाति-प्रथा’ तथा ‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ डॉ. भीमराव आंबेडकर के लेख हैं, जो ‘आरोह भाग-2’ में हैं। लेखक जाति-प्रथा की आलोचना करते हुए स्वतंत्रता, समता और भ्रातृता पर आधारित समाज की बात करते हैं।

चरण 2: असमानता लाने वाली तीन बातें:
आंबेडकर के अनुसार मनुष्यों की क्षमता तीन बातों पर निर्भर रहती है। पहली, शारीरिक वंश-परंपरा। दूसरी, सामाजिक उत्तराधिकार, अर्थात सामाजिक परंपरा के रूप में माता-पिता की कल्याण-कामना, शिक्षा और वैज्ञानिक ज्ञानार्जन जैसी उपलब्धियाँ। तीसरी, मनुष्य के अपने प्रयत्न। इन तीनों दृष्टियों से मनुष्य समान नहीं होते।

चरण 3: लेखक का निष्कर्ष:
लेखक मानते हैं कि असमान प्रयत्न के कारण असमान व्यवहार अनुचित नहीं है, पर पहली दो बातों की असमानता के आधार पर भिन्न व्यवहार उचित नहीं। इसलिए सबको आरंभ से ही समान अवसर और समान व्यवहार मिलना चाहिए।

चरण 4: लगभग 60 शब्दों का आदर्श उत्तर:
आंबेडकर के अनुसार मनुष्यों में असमानता तीन बातों से दिखती है: शारीरिक वंश-परंपरा, सामाजिक उत्तराधिकार (माता-पिता की कल्याण-कामना, शिक्षा, ज्ञानार्जन) और मनुष्य के अपने प्रयत्न। पहली दो बातें जन्म और परिवार से मिलती हैं। लेखक कहते हैं कि इनके आधार पर भेदभाव उचित नहीं, इसलिए सबको समान अवसर और समान व्यवहार मिलना चाहिए।

अंतिम उत्तर:
शारीरिक वंश-परंपरा, सामाजिक उत्तराधिकार और मनुष्य के अपने प्रयत्न, ये तीन बातें असमानता का कारण बनती हैं।
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