Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘समता’ का आशय स्पष्ट करते हुए ‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ पाठ के आधार पर लिखिए कि राजनीतिज्ञ के संदर्भ में समता को पाठ में कैसे स्पष्ट किया गया है ?

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पहले समता का अर्थ लिखिए: सबके लिए समान अवसर और व्यवहार। फिर बताइए कि राजनीतिज्ञ बड़े जन-समूह से मिलता है, इसलिए उसके लिए समान व्यवहार ही व्यावहारिक है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न और संदर्भ:
यह प्रश्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के निबंध ‘श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा’ के साथ पढ़े जाने वाले अंश ‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ पर आधारित है। लेखक आदर्श समाज के लिए स्वतंत्रता, समता और भ्रातृता को आवश्यक मानता है।

चरण 2: समता का आशय:
समता का आशय है कि समाज में सभी मनुष्यों को बिना जाति, धर्म या जन्म के भेद के समान अवसर और समान व्यवहार मिले। लेखक मानता है कि मनुष्य जन्म से सभी बराबर नहीं होते, पर इसके आधार पर असमान व्यवहार करना उचित नहीं है।

चरण 3: राजनीतिज्ञ के संदर्भ में:
राजनीतिज्ञ को बहुत बड़े जन-समूह से व्यवहार करना पड़ता है। उसके पास न इतना समय है और न साधन कि वह प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता और क्षमता को अलग-अलग जाँचे। इसलिए सबके साथ समान व्यवहार करना ही उसके लिए व्यावहारिक रास्ता है।

चरण 4: 60 शब्दों में उत्तर:
समता का अर्थ है सबको समान अवसर और समान व्यवहार मिलना। लेखक के अनुसार राजनीतिज्ञ को विशाल जनसमूह से काम पड़ता है। वह हर व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार अलग-अलग नहीं परख सकता। इसलिए वह जाति, धर्म या जन्म के आधार पर भेद न करके सबके साथ बराबरी का व्यवहार करता है।

अंतिम उत्तर:
समता का आशय सबके साथ समान व्यवहार और समान अवसर है; राजनीतिज्ञ के लिए यही व्यावहारिक और न्यायपूर्ण नियम बताया गया है।
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