Question:

काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए: (i) "व्यक्ति और समाज का संबंध अन्योन्याश्रित है।" - 'यह दीप अकेला' कविता के आधार पर युक्तियुक्त उत्तर लिखिए। (ii) आधुनिक मनुष्य अब प्रकृति के सौंदर्य को महसूस करने और उसके संकेतों को समझने के प्रति उदासीन है। 'वसंत आया' कविता के आधार पर इस उदासीनता का कारण स्पष्ट कीजिए। (iii) 'कवित्त' के आधार पर घनानंद के प्रेम की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

Show Hint

दीप और पंक्ति का प्रतीक, वसंत का कैलेंडर से पता चलना, और घनानंद का सुजान के प्रति विरह-भरा एकनिष्ठ प्रेम, इनमें से किन्हीं दो पर लगभग 40 शब्दों में लिखिए।
Updated On: Oct 21, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न का ढंग:
तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो का उत्तर लगभग 40 शब्दों में देना है। यहाँ तीनों के आदर्श उत्तर दिए गए हैं।

चरण 2: उत्तर (i) व्यक्ति और समाज का संबंध:
अज्ञेय की कविता 'यह दीप अकेला' में दीप व्यक्ति का और पंक्ति समाज का प्रतीक है। दीप 'स्नेह भरा' और 'गर्व भरा मदमाता' है, फिर भी कवि कहता है 'पर इसको भी पंक्ति को दे दो'। व्यक्ति अपनी क्षमताएँ समाज को देकर सार्थक होता है और समाज व्यक्तियों से ही बनता है। इसलिए दोनों का संबंध अन्योन्याश्रित है।

चरण 3: उत्तर (ii) 'वसंत आया' में उदासीनता का कारण:
रघुवीर सहाय की कविता में कवि को वसंत का पता कैलेंडर से चलता है कि अमुक दिन पंचमी होगी, और प्रमाण यह था कि दफ़्तर में छुट्टी थी। आधुनिक मनुष्य दफ़्तरी, भागदौड़ भरे जीवन में प्रकृति से कट गया है। गिरते पत्ते, चिड़िया की कूक और हवा उसे दिखते नहीं। यही उदासीनता का कारण है।

चरण 4: उत्तर (iii) घनानंद के प्रेम की विशेषताएँ:
घनानंद का प्रेम प्रिय सुजान के प्रति एकनिष्ठ है। उनके प्राण सुजान का संदेश पाने के लिए ही होठों पर अटके हैं। प्रिय की झूठी बातों और आनाकानी से उन्हें पीड़ा है, फिर भी वे आशा रखते हैं कि कभी उनकी पुकार प्रिय के कान खोलेगी। उनका प्रेम विरह-प्रधान, गहरा और समर्पित है।

अंतिम उत्तर:
तीनों उत्तर कविताओं के भाव के अनुसार हैं। परीक्षार्थी कोई दो चुनकर लगभग 40 शब्दों में लिख सकता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Elective Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII अज्ञेय — यह दीप अकेला, मैंने देखा एक बूँद Questions

View More Questions