Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ के आधार पर लेखक के ‘समता’ संबंधी विचारों की व्याख्या कीजिए।

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समता का अर्थ सबके साथ समान व्यवहार और विकास के समान अवसर देना है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: संदर्भ:
‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ डॉ. भीमराव आंबेडकर का भाषण-आधारित निबंध है। इसमें वे जाति-प्रथा की आलोचना करते हुए समता का पक्ष रखते हैं।

चरण 2: समता का अर्थ:
लेखक मानते हैं कि सब मनुष्य जन्म, क्षमता और परिस्थिति में बराबर नहीं होते, फिर भी समाज का कर्तव्य है कि वह सबके साथ समान व्यवहार करे।

चरण 3: मुख्य विचार:
लेखक के अनुसार सभी को अपनी क्षमता का विकास करने के समान अवसर मिलने चाहिए। यदि अवसर समान होंगे तो ही हर व्यक्ति अपनी योग्यता से आगे बढ़ सकता है। इसलिए समता को व्यवहार में लाने वाला सिद्धांत मानना चाहिए।

चरण 4: लगभग 40 शब्दों का उत्तर:
लेखक के अनुसार भले ही मनुष्य असमान हों, पर समाज को सबके साथ समान व्यवहार करना चाहिए। हर व्यक्ति को अपनी क्षमता विकसित करने के समान अवसर मिलें, तभी जाति और जन्म के भेद के बिना योग्यता का सही विकास होगा।

अंतिम उत्तर:
लेखक का मत है कि समता का अर्थ सबको समान व्यवहार और अपनी क्षमता विकसित करने के समान अवसर देना है।
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