पद का संस्कृत वाक्यों में प्रयोग कीजिए : सर्वाणि
संस्कृत में आठ वाक्यों में निबन्ध लिखिए : विद्या
वाक्य का संस्कृत में अनुवाद कीजिए : राम, लक्ष्मण और सीता वन जायेंगे ।
वाक्य का संस्कृत में अनुवाद कीजिए : छात्र अध्यापक से संस्कृत पढ़ते हैं ।
वाक्य का संस्कृत में अनुवाद कीजिए : पिता पुत्र के साथ आया ।
वाक्य का संस्कृत में अनुवाद कीजिए : गुरु शिष्य से प्रश्न पूछते हैं ।
वाक्य का संस्कृत में अनुवाद कीजिए : वे सब घर जाते हैं ।
एक का वाच्य-परिवर्तन कीजिए : तया हस्यते । (भाववाच्य)
एक का वाच्य-परिवर्तन कीजिए : तेन गृहं गतम् । (कर्मवाच्य)
एक का वाच्य-परिवर्तन कीजिए : बालकः चन्द्रं पश्यति । (कर्तृवाच्य)
पद में प्रत्यय लिखिए : दण्डी
पद में प्रत्यय लिखिए : स्तुतिः
पद में प्रत्यय लिखिए : श्रुत्वा
नियम-निर्देश-पूर्वक विभक्ति का नाम लिखिए : देवदत्तः कटे आस्ते ।
नियम-निर्देश-पूर्वक विभक्ति का नाम लिखिए : राजा भिक्षुकाय भिक्षां ददाति ।
नियम-निर्देश-पूर्वक विभक्ति का नाम लिखिए : हरिः भक्तं समुद्धरति ।
प्रश्न का उत्तर संस्कृत में लिखिए : कथासरित्सागरस्य रचयिता कः ?
प्रश्न का उत्तर संस्कृत में लिखिए : रम्भा कस्य भार्या आसीत् ?
प्रश्न का उत्तर संस्कृत में लिखिए : जीमूतवाहनस्य पिता कः आसीत् ?
पात्र का चरित्र-चित्रण हिन्दी में लिखिए : 'महात्मनः संस्मरणानि' पाठ के आधार पर महात्मा गाँधी का ।
पात्र का चरित्र-चित्रण हिन्दी में लिखिए : 'भोजस्य शल्यचिकित्सा' पाठ के आधार पर भोज का ।
पात्र का चरित्र-चित्रण हिन्दी में लिखिए : 'धैर्यधना हि साधवः' पाठ के आधार पर सुपारग का ।
श्लोक का अर्थ संस्कृत में लिखिए : सर्वलक्षणहीनोऽपि यः सदाचारवान्नरः । श्रद्दधानोऽनसूयश्च शतं वर्षाणि जीवति ।।
श्लोक का अर्थ संस्कृत में लिखिए : पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम् । मूडैः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयते ।।
सूक्ति की हिन्दी में व्याख्या कीजिए : सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात्सत्यमप्रियम्