Step 1: जीवन-परिचय, कृतियाँ एवं विशेषताएँ:
अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' द्विवेदी युग के प्रमुख कवि थे। उनका सर्वाधिक प्रसिद्ध ग्रन्थ 'प्रिय प्रवास' खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य माना जाता है, जो कृष्ण-राधा विरह पर आधारित है। अन्य रचनाएँ: 'चुभते चौपदे', 'चोखे चौपदे'। साहित्यिक विशेषता: शुद्ध खड़ी बोली में प्रबन्ध-काव्य रचना।
Final Answer:
अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' हिन्दी काव्य-परम्परा में अपनी विशिष्ट शैली के लिए स्मरणीय हैं।