'पुरोहित' का संधि-विच्छेद है—
Step 1: मूल पदों की पहचान.
'पुरः' (= साम्हने/आगे) + 'हित' (= कल्याण)
Step 2: संधि-नियम.
'ः + ह' के संयोग से 'र' ध्वनि का आगमन होता है, अतः 'पुरः + हित' \(\rightarrow\) पुरोहित।
Step 3: विकल्प-जांच.
(1) पुरः + हित — नियमानुसार सही। अन्य विकल्प मूल-रूप/अर्थ से मेल नहीं खाते।