जो ईश्वर में विश्वास न रखता हो, उसे कहते हैं—
Step 1: परिभाषा.
आस्तिक = ईश्वर/शास्त्र/परलौकिक सत्ता में विश्वास रखने वाला; नास्तिक = ऐसा विश्वास न रखने वाला।
Step 2: विकल्प-जांच.
परिभाषा के अनुसार नास्तिक ही उपयुक्त शब्द है। बाकी विकल्प अर्थ से मेल नहीं खाते।
'कंकाल' किस विधा की रचना है?
'वैशाली में वसन्त' किसका नाटक है?
जयशंकर प्रसाद किस युग के लेखक हैं?
ऐतिहासिक उपन्यासकार है—
शुक्लोत्तर-युग की समयावधि है—
'बादल' का पर्याय है—
'कृतज्ञ' (स्कैन में 'कृतञ्ज/कूटज' सा अस्पष्ट) का विलोम है—
"चौराहा" का तत्सम है—
'कर्ण' का तद्भव है—
'पुरोहित' का संधि-विच्छेद है—