शुक्लोत्तर-युग की समयावधि है—
Step 1: पद का अर्थ.
'शुक्लोत्तर' का आशय—आचार्य रामचंद्र शुक्ल/द्विवेदी-युग (≈1900–1918) के बाद का काल।
Step 2: युग-संबंध.
द्विवेदी-युग के पश्चात छायावाद (≈1918–1936) आता है, जिसे अनेक ग्रंथ शुक्लोत्तर के अंतर्गत रखते हैं।
Step 3: विकल्प-मिलान.
(1) 1918–1936 — उचित (छायावाद की मान्य अवधि)।
(2) 1843–1900 — भारतेन्दु-पूर्व/भारतेन्दु-युग; असंगत।
(3) 1900–1918 — द्विवेदी-युग; 'शुक्लोत्तर' नहीं।
(4) इनमें से कोई नहीं — निरस्त; (1) सही है।
'कंकाल' किस विधा की रचना है?
'वैशाली में वसन्त' किसका नाटक है?
जयशंकर प्रसाद किस युग के लेखक हैं?
ऐतिहासिक उपन्यासकार है—
'आश्रयदाताओं की प्रशंसा' निम्न में से किस काल/वाद की विशेषता रही है?
'कंकाल' किस विधा की रचना है?
'वैशाली में वसन्त' किसका नाटक है?
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ऐतिहासिक उपन्यासकार है—
'आश्रयदाताओं की प्रशंसा' निम्न में से किस काल/वाद की विशेषता रही है?