जयशंकर प्रसाद किस युग के लेखक हैं?
Step 1: युग-सीमा.
हिंदी काव्य में छायावाद लगभग 1918–1936 माना जाता है।
Step 2: प्रतिनिधि कवि.
छायावाद के चार स्तंभ—प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी—हैं; प्रसाद जी की 'कामायनी', 'झरना', 'आँसू' आदि इसी प्रवृत्ति की कृतियाँ हैं।
Step 3: विकल्प-जांच.
(1) भारतेन्दु-युग — 19वीं शताब्दी उत्तरार्ध; असंगत।
(2) शुक्ल-युग — आलोचनात्मक परंपरा से संबद्ध; प्रसाद का उत्कर्ष बाद का है।
(3) द्विवेदी-युग — 1900–1918; छायावाद से पूर्व।
(4) छायावाद-युग — सही।
'कंकाल' किस विधा की रचना है?
'वैशाली में वसन्त' किसका नाटक है?
ऐतिहासिक उपन्यासकार है—
शुक्लोत्तर-युग की समयावधि है—
'आश्रयदाताओं की प्रशंसा' निम्न में से किस काल/वाद की विशेषता रही है?
'कंकाल' किस विधा की रचना है?
'वैशाली में वसन्त' किसका नाटक है?
ऐतिहासिक उपन्यासकार है—
शुक्लोत्तर-युग की समयावधि है—
'आश्रयदाताओं की प्रशंसा' निम्न में से किस काल/वाद की विशेषता रही है?