निम्नलिखित में से किसी दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में उत्तर दीजिए:
बौद्ध युगे फच्छिल सिद्धान्त: कस्य होते: प्रमुखता आत्म?
बौद्ध युगे फच्छिल सिद्धान्त: कस्य होते: प्रमुखता आत्म?
बौद्ध धर्म में फच्छिल सिद्धान्त का मुख्य उद्देश्य आत्मा के अवबोधन से जुड़ा है। बौद्ध धर्म के अनुसार, आत्म का कोई स्थायी रूप नहीं होता, बल्कि यह लगातार परिवर्तनशील है। बौद्ध सिद्धान्तों के अनुसार, आत्म का महत्व इस बात में है कि वह दृषटिक और मानसिक शांति की प्राप्ति का मार्ग है। आत्म का साक्षात्कार करने के लिए ध्यान और साधना के माध्यम से जीवन के सत्य को पहचानना आवश्यक है। यही बौद्ध धर्म का प्रमुख सिद्धान्त है।
बौद्ध धर्म में आत्म का कोई स्थायी अस्तित्व नहीं होता है। यह बदलता रहता है और इसका उद्देश्य जीवन के दुःख से मुक्ति प्राप्त करना है।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
गद्यांश: पृथ्वी के विलय रंगमंच में सभी जातियों के लिए समान क्षेत्र है। मनुष्य के मार्ग से प्रभावित पृथ्वी उसकी करके एक जीव का अधिकार है। निकट जन पीछे, छोड़कर राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। उत्तप्त राज्य के पुरखें अंग की सुघ्र हमे लेनी होगी। राज्य के एक अंग में यदि अंधकार और बिवलता का निवास है, तो सम्पूर्ण राष्ट्र का स्वास्थ्य उठने अंग में असमर्थ रहा।
दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
गद्यांश:कहते हैं दुनिया बड़ी भुलक्कड़ है। केवल उतना ही याद रखती है, जितने से उसका स्वार्थ साधता है। बाकियों को फेंककर आगे बढ़ जाती है। शायद अशोक से उसका स्वार्थ नहीं सधता। क्यों उसे वह याद रखती? सारा संसार स्वार्थ का अखाड़ा ही तो है।
जलवायु के फटे कितने उत्थान
दीन, कच्छुए इन्होंने - उत्तराय;
किन्तु वह बढ़ी रहे द्रुत मूर्ति
अन्युद्दय कर रही उपाय।
शक्ति के विभिन्न, जो व्यस्त
विकल बिसरे हैं, हो निष्क्षय;
सम्पन्न अवस्थ को समस्त
विज्ञानिनी मानवता हो जाय।
तुम मांसहीन, तुम रक्तहीन,
हे अस्थशेष, हे अस्तहीन,
तुम शुद्धबुद्ध आत्माकेवल,
हे चिरपुराण! हे चिर नवीन।
तुम पूर्ण इकाई जीवन की,
जिसमें असार भव-शून्यलीन,
आधार अमर, होगी जिस पर
भावी की संस्कृति समसीन।
निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए
वसुदेवशरण अग्रवाल: