Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘भक्तिन’ पाठ में वर्णित किन्हीं तीन समस्याओं का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।

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बाल-विवाह व विमाता का व्यवहार, बेटियों के कारण उपेक्षा, वैधव्य में पुनर्विवाह का दबाव और ज़मींदार का अपमान, इनमें से तीन उदाहरण सहित लिखिए।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: संदर्भ:
‘भक्तिन’ महादेवी वर्मा का संस्मरणात्मक रेखाचित्र है, जो आरोह भाग-2 में है। भक्तिन का असली नाम लछमिन अर्थात लक्ष्मी था। उसका पूरा जीवन एक के बाद एक समस्याओं से भरा रहा।

चरण 2: पहली समस्या, बाल-विवाह और विमाता का व्यवहार:
पाँच वर्ष की आयु में उसका विवाह हँडिया गाँव के एक संपन्न गोपालक के घर हो गया और नौ वर्ष की आयु में विमाता ने उसका गौना कर दिया। ईर्ष्यालु विमाता ने पिता की गंभीर बीमारी का समाचार तब भेजा, जब वह मृत्यु की सूचना बन चुका था। मायके पहुँचकर उसे अपमान ही मिला।

चरण 3: दूसरी समस्या, बेटियों के कारण उपेक्षा:
भक्तिन ने तीन बेटियों को जन्म दिया, इसलिए सास और जिठानियों ने उसकी उपेक्षा की। जिठानियाँ आराम करतीं और उनके बेटों को दूध-मलाई मिलती, जबकि भक्तिन घर का कठिन काम करती और उसकी बेटियाँ गोबर उठातीं, कंडे पाथतीं और चने-बाजरे की घुघरी चबाती थीं।

चरण 4: तीसरी समस्या, वैधव्य और संपत्ति का लालच:
उनतीस वर्ष की आयु में पति की मृत्यु हो गई। जेठ और जिठौत उसकी हरी-भरी खेती और गाय-भैंस हड़पने के लिए चाहते थे कि वह दूसरा विवाह कर ले। भक्तिन ने साफ़ इनकार किया और केश मुँडाकर अपने निश्चय की घोषणा कर दी। आगे चलकर बेटी के जबरन विवाह और लगान न दे पाने पर ज़मींदार द्वारा दिन भर कड़ी धूप में खड़ा रखने के अपमान ने उसे शहर आने पर विवश किया।

अंतिम उत्तर:
बाल-विवाह और विमाता का कठोर व्यवहार, बेटियों के कारण ससुराल में उपेक्षा तथा विधवा होने पर संपत्ति के लिए पुनर्विवाह का दबाव, भक्तिन के जीवन की तीन प्रमुख समस्याएँ थीं।
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