Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘दंगल के दृश्य’ से लेखक का क्या अभिप्राय है ? इस दृश्य का लोगों पर किस तरह का प्रभाव पड़ता था ? ‘पहलवान की ढोलक’ कहानी के आधार पर लिखिए।

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ढोलक की थाप में दंगल के दाँव सुनाई देते थे। इससे महामारी के समय गाँव वालों में साहस आता था।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: पाठ का परिचय:
‘पहलवान की ढोलक’ फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी है। इसमें पहलवान लुट्टन सिंह और उसकी ढोलक के माध्यम से गाँव की महामारी और जीवन-संघर्ष का चित्रण है।

चरण 2: दंगल के दृश्य का अभिप्राय:
लुट्टन सिंह के जीवन में दंगल का बड़ा महत्त्व था। ढोलक की हर थाप में उसे दंगल की भाषा सुनाई देती थी। जैसे चट् धा, गिड़ धा का अर्थ आ जा, भिड़ जा तथा चटाक् चट् धा का अर्थ उठाकर पटक दे। लेखक के अनुसार ढोलक की ध्वनि से दंगल का पूरा दृश्य आँखों के सामने खड़ा हो जाता था।

चरण 3: लोगों पर प्रभाव:
गाँव में महामारी फैली थी और रात का सन्नाटा डरावना था। ऐसे में ढोलक की आवाज़ से लोगों की नसों में जोश आ जाता था। मृत्यु की ओर बढ़ते लोग भी कुछ देर के लिए हिम्मत और जीवन की ताकत महसूस करते थे।

चरण 4: आदर्श उत्तर (लगभग 60 शब्द):
दंगल के दृश्य का अर्थ है ढोलक की थाप से साकार होने वाला कुश्ती का वातावरण। ढोलक की हर ताल में पहलवान को दाँव-पेंच के संकेत सुनाई देते थे। महामारी के सन्नाटे में यह आवाज़ लोगों में उत्साह, साहस और जीने की शक्ति भर देती थी और उन्हें मौत के भय से लड़ने की प्रेरणा देती थी।

अंतिम उत्तर:
ढोलक की ताल से जो दंगल का दृश्य बनता था, वह गाँव वालों में महामारी के समय साहस और जीवन की शक्ति जगाता था।
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