Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘पहलवान की ढोलक’ कहानी किस प्रकार पुरानी जमीनी व्यवस्था पर नई व्यवस्था के आरोपित हो जाने का प्रतीक है ? स्पष्ट कीजिए।

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राजा साहब के बाद नई व्यवस्था ने पहलवानों को हटा दिया। यह परंपरा पर नई व्यवस्था के थोपे जाने का प्रतीक है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘पहलवान की ढोलक’ फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी है, जो ‘आरोह भाग 2’ में है। इसका नायक लुट्टन सिंह पहलवान राजा साहब के आश्रय में रहकर कुश्ती लड़ता है और ढोलक की थाप से प्रेरणा लेता है।

चरण 2: पुरानी व्यवस्था:
राजा साहब का दरबार पुरानी ज़मीनी, सामंती परंपरा का प्रतीक है, जहाँ पहलवानों, कलाकारों और लोक-कला को आश्रय और सम्मान मिलता था। लुट्टन उसी परंपरा में पला और दंगल में जीतकर राज-पहलवान बना।

चरण 3: नई व्यवस्था का आरोपण:
राजा साहब के बाद उनके पुत्र ने पहलवानों को हटा दिया, क्योंकि नई व्यवस्था को विलायती ढंग के शौक और व्यावहारिक हिसाब-किताब पसंद थे। इस तरह पुरानी परंपरा पर नई व्यवस्था थोप दी गई। लुट्टन बेसहारा हो गया और गाँव लौटकर गरीबी तथा महामारी में उसने अपने बेटों को खो दिया।

चरण 4: उत्तर (लगभग 60 शब्द):
राजा साहब के समय पहलवानों और लोक-कलाओं को आश्रय मिलता था। उनके बाद नई व्यवस्था आई और पहलवानों को हटा दिया गया। इससे लुट्टन जैसे कलाकार बेसहारा हो गए। यह कहानी दर्शाती है कि पुरानी परंपरा और लोक-जीवन पर नई व्यवस्था का आरोपण उन्हें उजाड़ देता है।

अंतिम उत्तर:
कहानी में पुरानी आश्रय-व्यवस्था का अंत और नई व्यवस्था का थोपा जाना लुट्टन के पतन के रूप में दिखाया गया है।
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