Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

“माँगि कै खैबो, मसीत को सोइबो, लैबोको एकु न दैबको दोऊ।” ‘कवितावली’ की इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

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पंक्ति में तुलसी की निश्चिंतता और संतोष का भाव है। वे माँगकर खाते हैं, मस्जिद में सोते हैं और समाज की परवाह नहीं करते।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
यह पंक्ति तुलसीदास की ‘कवितावली’ (उत्तरकांड) के एक सवैये से ली गई है। कवि कहते हैं कि लोग उन्हें धूर्त कहें या अवधूत, उन्हें कोई परवाह नहीं, क्योंकि वे राम के गुलाम हैं।

चरण 2: पंक्ति का शब्दार्थ:
‘माँगि कै खैबो’ का अर्थ है भिक्षा माँगकर खाना। ‘मसीत को सोइबो’ का अर्थ है मस्जिद में सो जाना। ‘लैबोको एकु न दैबको दोऊ’ का अर्थ है न किसी से कुछ लेना, न किसी को कुछ देना।

चरण 3: आदर्श उत्तर (लगभग 60 शब्द):
इस पंक्ति में तुलसीदास कहते हैं कि वे भिक्षा माँगकर पेट भर लेते हैं और मस्जिद में भी सो जाते हैं। उनका किसी से कोई लेन-देन नहीं है। वे जाति-धर्म और समाज की निंदा-स्तुति से बेपरवाह होकर पूरी तरह राम की भक्ति में लीन हैं। उन्हें अपनी निर्धनता का कोई दुख नहीं है।

अंतिम उत्तर:
कवि का आशय है कि वे सांसारिक चिंताओं और भेदभाव से मुक्त होकर निश्चिंत भाव से राम के भक्त बने हुए हैं।
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