Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए :

‘जूझ’ निम्न-मध्यवर्गीय ग्रामीण समाज और जीवन से लड़ते-जूझते किसानों-मज़दूरों के संघर्ष की कहानी है। सोदाहरण इस कथन की पुष्टि कीजिए।

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परिवार की खेती से जुड़ी मेहनत और लेखक की पढ़ाई के लिए लड़ाई, दोनों के उदाहरण दीजिए।
Updated On: Oct 31, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘जूझ’ मराठी लेखक आनंद यादव के आत्मकथात्मक उपन्यास का अंश है, जो ‘वितान’ में संकलित है।
इसमें महाराष्ट्र के एक गाँव के गरीब किसान परिवार और लेखक के पढ़ाई के संघर्ष का चित्रण है।
शीर्षक ‘जूझ’ का अर्थ ही है संघर्ष करना।

चरण 2: किसान-मज़दूर जीवन का संघर्ष:
लेखक का परिवार खेती पर निर्भर है। खेत में ईख बोना, पानी लगाना, कोल्हू चलाकर गुड़ बनाना जैसे कठिन काम दिन-रात करने पड़ते हैं।
बाज़ार में दाम अच्छे मिलें, इसलिए गुड़ जल्दी बनाकर बेचने की भागदौड़ रहती है।
लेखक की माँ भी खेत और घर दोनों में पिसती रहती है। यह निम्न-मध्यवर्गीय ग्रामीण जीवन की कठिनाई है।

चरण 3: लेखक का निजी संघर्ष:
पिता (दादा) लेखक को पढ़ने नहीं देना चाहते और खेत के काम में लगाए रखते हैं।
लेखक माँ की मदद से दत्ता जी राव देसाई के पास जाता है, जिनके कहने पर उसे पाठशाला जाने की अनुमति मिलती है, पर शर्त यह है कि वह खेत का काम भी करेगा।
पाठशाला में भी उसे अपमान झेलना पड़ता है, फिर भी वह मंत्री मास्टर और सौंदलगेकर मास्टर से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ता है।

अंतिम उत्तर:
खेती की कठिन मेहनत, गरीबी, पिता का विरोध और पढ़ाई के लिए लेखक की लगातार लड़ाई, इन उदाहरणों से सिद्ध होता है कि ‘जूझ’ निम्न-मध्यवर्गीय ग्रामीण समाज और जीवन से जूझते किसानों-मज़दूरों के संघर्ष की कहानी है।
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