Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

“मैं अपनी आँखों और कानों में प्राणों की सारी शक्ति लगा कर – दम रोककर मास्टर के हाव-भाव, ध्वनि, गति, चाल और रस पीता रहता।” ‘जूझ’ कहानी के इस कथन को स्पष्ट करते हुए लिखिए कि एक अध्यापक कैसे अपने छात्रों का आदर्श-स्वरूप हो सकता है ?

Show Hint

पहले कथन से लेखक की एकाग्रता और मास्टर की शैली का प्रभाव बताइए, फिर आदर्श अध्यापक के गुण लिखिए।
Updated On: Oct 27, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: पाठ का परिचय:
‘जूझ’ आनंद यादव की आत्मकथात्मक कहानी है। इसमें लेखक पढ़ने के लिए संघर्ष करता है। पाठशाला में मराठी के अध्यापक सौंदलगेकर उसे बहुत प्रभावित करते हैं।

चरण 2: कथन का आशय:
लेखक कक्षा में मास्टर की कविता पढ़ाने की शैली को पूरे मन से ग्रहण करता है। उनके हाव-भाव, स्वर की गति और कविता के रस में वह इतना डूब जाता है कि जैसे प्राणों की सारी शक्ति आँखों और कानों में आ गई हो।

चरण 3: आदर्श अध्यापक के गुण:
अध्यापक को विषय पर अधिकार होना चाहिए, भावपूर्ण ढंग से पढ़ाना आना चाहिए और छात्रों को प्रोत्साहन देना चाहिए। सौंदलगेकर स्वयं कविता लिखते थे, इसलिए उनके पढ़ाने में रस था।

चरण 4: आदर्श उत्तर (लगभग 100 शब्द):
इस कथन से स्पष्ट है कि लेखक अपने मास्टर के पढ़ाने के ढंग से अत्यंत प्रभावित था। वह उनके हाव-भाव, स्वर, गति और कविता के रस को पूरे ध्यान से ग्रहण करता था। एक आदर्श अध्यापक विषय का ज्ञाता होता है, भावपूर्ण शैली में पढ़ाता है और छात्रों में रुचि जगाता है। वह उनके भीतर आत्मविश्वास भरता है और उन्हें स्वयं रचने की प्रेरणा देता है। सौंदलगेकर ने भी लेखक को कविता रचने के लिए प्रोत्साहित किया। ऐसा शिक्षक छात्रों के लिए आदर्श बन जाता है।

अंतिम उत्तर:
विषय-ज्ञान, भावपूर्ण शैली और प्रोत्साहन से अध्यापक छात्रों का आदर्श बनता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Course-A Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII जूझ Questions

View More Questions