Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के आधार पर सिंधु घाटी के दौर के व्यापार और खेती व्यवस्था की उदाहरण सहित विवेचना कीजिए।

Show Hint

फ़सलें (कपास, गेहूँ, जौ, सरसों, चना), पत्थर-ताँबे के औज़ार, कोठार, बैलगाड़ी और सुमेर से लिनन-ऊन के आयात को उदाहरण बनाइए।
Updated On: Oct 27, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: पाठ का परिचय:
‘अतीत में दबे पाँव’ ओम थानवी का यात्रा-वृत्तांत है। लेखक मुअनजोदड़ो के खंडहर और अजायबघर देखकर सिंधु घाटी सभ्यता के जीवन का अनुमान लगाता है। पाठ में कहा गया है कि सिंधु घाटी के दौर में व्यापार ही नहीं, उन्नत खेती भी होती थी।

चरण 2: खेती की व्यवस्था:
बरसों यह माना जाता रहा कि यहाँ के लोग अन्न नहीं उपजाते थे, बल्कि आयात करते थे। नई खोज ने इसे गलत साबित किया। अब विद्वान इसे मूलतः खेतिहर और पशुपालक सभ्यता मानते हैं। खुदाई में कपास, गेहूँ, जौ, सरसों और चने की उपज के पक्के सबूत मिले हैं। ज्वार, बाजरा और रागी की उपज भी होती थी तथा लोग खजूर, खरबूज़े और अंगूर उगाते थे। खेती के उपकरण पत्थर और ताँबे के थे। पत्थर सिंध में ही था और ताँबे की खानें राजस्थान में थीं। कुओं से सिंचाई होती थी।

चरण 3: व्यापार और भंडारण:
महाकुंड के पास एक विशाल कोठार है, जहाँ शायद कर के रूप में मिला अनाज जमा होता था। उसके पास की गली में ढुलाई के लिए बैलगाड़ियाँ आती-जाती होंगी, जिनके प्रयोग के सबूत मिले हैं। यहाँ सूती कपड़ा मिला है, जो दुनिया के सबसे पुराने सूती नमूनों में एक है। कताई-बुनाई के साथ रँगाई भी होती थी। छालटी (लिनन) और ऊन सुमेर से आयात होते थे और शायद सूत वहाँ निर्यात होता था। मेसोपोटामिया के शिलालेखों में मुअनजोदड़ो के लिए ‘मेलुहा’ शब्द का प्रयोग भी मिलता है।

चरण 4: प्रतिदर्श उत्तर (लगभग 100 शब्द):
पाठ के अनुसार सिंधु घाटी में व्यापार के साथ उन्नत खेती भी होती थी। यह मूलतः खेतिहर और पशुपालक सभ्यता थी। यहाँ कपास, गेहूँ, जौ, सरसों, चना, ज्वार, बाजरा और रागी की उपज होती थी तथा खजूर, खरबूज़े और अंगूर उगाए जाते थे। खेती में पत्थर और ताँबे के औज़ार काम आते थे और कुओं से सिंचाई होती थी। अनाज विशाल कोठार में रखा जाता था और बैलगाड़ियों से ढोया जाता था। सूत की कताई, बुनाई और रँगाई होती थी। लिनन और ऊन सुमेर से आते थे और शायद सूत वहाँ भेजा जाता था।

अंतिम उत्तर:
सिंधु घाटी खेतिहर-पशुपालक सभ्यता थी, जिसकी उन्नत खेती, कोठार, बैलगाड़ी-ढुलाई और सुमेर से आयात-निर्यात उसकी समृद्ध अर्थव्यवस्था दिखाते हैं।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Course-A Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII अतीत में दबे पाँव Questions

View More Questions