Question:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील
छिपाए हैं जिसमें सुख गात।
(v) 'गात' एवं 'रजनी' शब्द का अर्थ लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: शब्दों के अर्थ:
गात = शरीर, देह।
रजनी = रात, रात्रि।

चरण 2: पद्यांश में प्रयोग:
‘सुख गात’ का अर्थ है सुख का शरीर, जो दुःख रूपी परदे के पीछे छिपा है। ‘रजनी’ यहाँ दुःख की रात के लिए आया है।

अंतिम उत्तर:
गात का अर्थ शरीर और रजनी का अर्थ रात है।
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