दिए गए पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
पद्यांश:
बीती विभावरी जाग री!
अंबर-पनघट में डूबा रही!
तारा-घर उषा-नागरी
खग-कुल कुल-कुल सा बोल रहा,
किसलय का अंबर डोल रहा,
लो यह ललिता भी भर लाई।
मधु मुकुल नवल रस गागर।
उपर्युक्त पद्यांश का श्रोत्र एवं कवि का नाम लिखिए।
रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
आकाश रूपी पनघट पर कौन तारा रूपी घड़े को डुबो रहा है?
'खग-कुल कुल-कुल सा बोल रहा' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
प्रस्तुत पद्यांश में प्रमुख रस का उल्लेख कीजिए।