Question:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील
छिपाये है जिसमें सुख गात।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप,
जगत की ज्वालाओं का मूल;
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाना भूल।
(v) 'रजनी' व 'प्रभात' शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: रजनी के पर्यायवाची:
रजनी का अर्थ रात है। इसके दो पर्यायवाची शब्द हैं:
1. निशा
2. यामिनी

चरण 2: प्रभात के पर्यायवाची:
प्रभात का अर्थ सवेरा है। इसके दो पर्यायवाची शब्द हैं:
1. भोर
2. सुबह

अंतिम उत्तर:
रजनी: निशा, यामिनी। प्रभात: भोर, सुबह।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board XII पद्यांश पर आधारित प्रश्न Questions

View More Questions