Question:

''तोड़ो'' कविता में विध्वंस की नहीं बल्कि सृजन की प्रेरणा दी गई है – सोदाहरण स्पष्ट कीजिए। 
 

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साहित्य में विध्वंस का उल्लेख तब भी सकारात्मक हो सकता है जब उसका उद्देश्य सामाजिक सुधार और सृजनात्मक परिवर्तन हो।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘तोड़ो’ कविता प्रथम दृष्टि में एक आह्वान जैसी लगती है, जिसमें “तोड़ो” जैसे शक्तिशाली शब्दों का प्रयोग किया गया है। लेकिन यह तोड़ना नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक और सृजनात्मक उद्देश्य के लिए है। कवि यहाँ उन रूढ़ियों, अन्यायपूर्ण व्यवस्थाओं और खोखली परंपराओं को तोड़ने का आह्वान करता है, जो समाज को जड़ और विकृत बना रही हैं।
कवि कहता है — “तोड़ो-तोड़ो-तोड़ो पुरानी जंजीरों को तोड़ो, नव-जीवन की धारा खोलो।”
यहाँ “जंजीरों” का तात्पर्य उन सामाजिक, मानसिक और सांस्कृतिक बंधनों से है जो प्रगति को रोकते हैं। उन्हें तोड़कर ही एक नए और बेहतर समाज का निर्माण संभव है।
अतः यह कविता विध्वंस का नहीं, रचनात्मक क्रांति का संदेश देती है — जहाँ पुराने को हटाकर नए और समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ाए जाएँ।
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