संयोग श्रृंगार वह रस है, जो प्रेमी और प्रेमिका के मिलन के अवसर पर प्रकट होता है। इसमें प्रेम और मिलन के आनंद, उल्लास, और सुख की भावना होती है। यह रस विशेष रूप से प्रेम के संयोग (मिलन) और उसके परिणति को व्यक्त करता है।
उदाहरण:
"राधा और कृष्ण का मिलन, जहां वे एक-दूसरे के साथ प्रेमपूर्ण समय बिताते हैं, यह संयोग श्रृंगार का उदाहरण है।"
लक्षण:
संयोग श्रृंगार में प्रेमी और प्रेमिका के बीच के प्रेमपूर्ण संबंधों, मिलन की परिस्थितियों और आनंदपूर्ण भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। यह रस विशेष रूप से सुख और प्रेम की भावनाओं को उत्तेजित करता है।