रूपक अलंकार वह अलंकार है, जिसमें एक वस्तु को दूसरी वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि उसकी विशेषता को और अधिक प्रभावशाली तरीके से व्यक्त किया जा सके। इस अलंकार में तुलना का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि किसी एक वस्तु को दूसरी वस्तु की तरह प्रस्तुत किया जाता है।
उदाहरण:
"वह शेर की तरह शूर है।"
यहां व्यक्ति को शेर के समान वीर बताया गया है, जिससे उसकी वीरता को अधिक प्रभावी रूप से व्यक्त किया गया है।
लक्षण:
रूपक अलंकार में तुलना की आवश्यकता नहीं होती; किसी वस्तु को दूसरी वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि उसकी विशेषता अधिक स्पष्ट हो।