Question:

निम्नलिखित संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए
न चौरहार्यं न च राजहार्यं न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि । व्यये कृते वर्द्धत एव नित्यं विद्याधनं सर्वधनं प्रधानम् ।।

Updated On: Sep 23, 2026
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Solution and Explanation

सन्दर्भ:
यह प्रसिद्ध सुभाषित-श्लोक विद्या के महत्व एवं उसकी अद्वितीय विशेषताओं का प्रतिपादन करता है।

हिन्दी अनुवाद:
जो न चोरों द्वारा चुराया जा सकता है, न राजा द्वारा छीना जा सकता है, न भाइयों में बाँटा जा सकता है और न ही जिसका कोई बोझ होता है — ऐसा विद्या-रूपी धन खर्च करने (बाँटने) पर भी सदैव बढ़ता ही रहता है; अतः विद्या-धन ही समस्त धनों में सर्वश्रेष्ठ (प्रधान) है।
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