Question:

देख-देख नाचता हृदय बहने को महाविकल-बेकल, इस मरोर से - इसी शोर से सघन घोर गुरु गहन रोर से मुझे गगन का दिखा सघन वह छोर राग अमर! अंबर में भर निज रोर।
(क) उपर्युक्त पद्यांश के पाठ और रचयिता का नाम लिखिए।

Updated On: Sep 23, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

उत्तर:
बादलों की गंभीर गर्जना और प्रकृति के उद्वेलित रूप का यह चित्रण छायावादी कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की मेघ-विषयक कविता 'बादल राग' से लिया गया प्रतीत होता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board XII पद्यांश पर आधारित प्रश्न Questions

View More Questions