Comprehension

हरषि राम भेटेउ हनुमाना। अति कृतग्य प्रभु परम सुजाना।।

तुरत बैद तब कीन्हि उपाई। उठि बैठे लछिमन हरषाई।।

हृदयँ लाइ प्रभु भेंटेउ भ्राता। हरषे सकल भालु कपि ब्राता।।

कपि पुनि बैद तहाँ पहुँचावा। जेहि बिधि तबहिं ताहि लइ आवा।।

यह बृत्तांत दसानन सुनेऊ। अति बिषाद पुनि पुनि सिर धुनेऊ।।

ब्याकुल कुंभकरन पहिं आवा। बिबिध जतन करि ताहि जगावा।।

Question: 1

राम ने हनुमान के प्रति कृतज्ञता क्यों प्रकट की ?

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'हरषि राम भेटेउ हनुमाना' पंक्ति किस घटना के बाद आती है, यह देखिए।
  • सीता का पता लगाने के कारण
  • समय पर संजीवनी बूटी लाने के कारण
  • अपने स्वभाव की विनम्रता के कारण
  • वैद्य को लंका से लाने के कारण
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
यह काव्यांश गोस्वामी तुलसीदास के 'रामचरितमानस' के लंका कांड से लिया गया 'लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप' अंश है, जो 'आरोह' भाग 2 में संकलित है।
मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण मूर्च्छित थे और हनुमान संजीवनी बूटी लेने गए थे।

चरण 2: पंक्ति का अर्थ:
'हरषि राम भेटेउ हनुमाना। अति कृतग्य प्रभु परम सुजाना।।'
अर्थात हनुमान के लौटने पर राम ने प्रसन्न होकर उन्हें गले लगाया और अत्यंत कृतज्ञ हुए।
हनुमान समय पर संजीवनी बूटी ले आए थे, जिससे लक्ष्मण के प्राण बच सके।

चरण 3: अन्य विकल्प:
सीता का पता लगाने की घटना इस प्रसंग में नहीं है।
राम के स्वभाव की विनम्रता कृतज्ञता का कारण नहीं, उसका गुण है।
वैद्य को लाना पहले हो चुका था, यहाँ कृतज्ञता बूटी लाने पर है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 2: समय पर संजीवनी बूटी लाने के कारण।
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Question: 2

भालू और कपि समूह की प्रसन्नता का कारण था –

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'हरषे सकल भालु कपि ब्राता' से ठीक पहले वाली पंक्ति पढ़िए।
  • राम का हनुमान को गले लगाना।
  • हनुमान का सुषैन वैद्य को लाना।
  • हनुमान का संजीवनी बूटी लाना।
  • लक्ष्मण का स्वस्थ होना।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
यह अंश तुलसीदास कृत 'रामचरितमानस' के 'लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप' से है।
हनुमान संजीवनी लाए और वैद्य ने उपचार किया।

चरण 2: पंक्ति का अर्थ:
'उठि बैठे लछिमन हरषाई' अर्थात लक्ष्मण प्रसन्न होकर उठ बैठे।
'हृदयँ लाइ प्रभु भेंटेउ भ्राता। हरषे सकल भालु कपि ब्राता।।'
राम ने भाई को हृदय से लगाया और भालू तथा वानरों का सारा समूह प्रसन्न हो गया।
स्पष्ट है कि प्रसन्नता का कारण लक्ष्मण का स्वस्थ होना था।

चरण 3: अन्य विकल्प:
राम का हनुमान को गले लगाना, वैद्य को लाना या बूटी लाना इस प्रसन्नता से पहले की घटनाएँ हैं, सीधा कारण नहीं।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4: लक्ष्मण का स्वस्थ होना।
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Question: 3

रावण द्वारा कौन-सा वृत्तांत सुना गया ?

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रावण को 'अति बिषाद' किस समाचार से हुआ होगा, यह सोचिए।
  • लक्ष्मण के मूर्च्छित होने का
  • राम के समुद्र पार आने का
  • हनुमान द्वारा वैद्य ले जाने का
  • लक्ष्मण की मूर्च्छा भंग होने का
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
यह अंश तुलसीदास के 'रामचरितमानस' से 'लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप' का है।
लक्ष्मण के स्वस्थ होने के बाद कथा रावण की ओर मुड़ती है।

चरण 2: पंक्ति का अर्थ:
'यह बृत्तांत दसानन सुनेऊ। अति बिषाद पुनि पुनि सिर धुनेऊ।।'
'यह बृत्तांत' का अर्थ है ऊपर वर्णित घटना, अर्थात लक्ष्मण का उठ बैठना।
यह सुनकर रावण अत्यंत दुखी हुआ और बार-बार सिर पीटने लगा।

चरण 3: अन्य विकल्प:
लक्ष्मण के मूर्च्छित होने की खबर से रावण दुखी नहीं, प्रसन्न होता।
राम का समुद्र पार आना इस अंश का विषय नहीं है।
वैद्य को वापस पहुँचाना केवल एक छोटी घटना है, रावण के दुख का कारण लक्ष्मण का बचना था।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4: लक्ष्मण की मूर्च्छा भंग होने का।
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Question: 4

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :

कथन : दुखी रावण बार-बार सिर धुन कर पछता रहा था।

कारण : विजय की आशाओं पर पानी फिरता दिख रहा था।

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कथन के बाद 'क्योंकि' जोड़कर कारण पढ़िए और देखिए कि वाक्य सार्थक बनता है या नहीं।
  • कथन सही है, कारण गलत है।
  • कथन सही नहीं है, कारण सही है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: कथन की जाँच:
काव्यांश में लिखा है 'यह बृत्तांत दसानन सुनेऊ। अति बिषाद पुनि पुनि सिर धुनेऊ।।'
अर्थात रावण अत्यंत दुखी होकर बार-बार सिर धुन रहा था।
इसलिए कथन सही है।

चरण 2: कारण की जाँच:
रावण को आशा थी कि लक्ष्मण के न रहने से राम कमजोर पड़ जाएँगे और उसकी जीत होगी।
लक्ष्मण के स्वस्थ होने से उसकी यह आशा टूट गई।
इसलिए कारण भी सही है।

चरण 3: संबंध की जाँच:
रावण के पछताने और सिर धुनने का कारण यही था कि उसकी विजय की आशा पर पानी फिर गया।
अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4: कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
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Question: 5

व्याकुल रावण कुंभकरण के पास क्यों गया होगा ?

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सोचिए कि रावण ने गहरी नींद में सोए महाबली कुंभकरण को अनेक उपाय करके क्यों जगाया होगा।
  • अपना दुख बाँटने
  • युद्ध में सहायता पाने
  • युद्ध में हुई हानि का वर्णन करने
  • राम की सेना द्वारा किए जाने वाले विनाश का वर्णन करने
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
यह काव्यांश गोस्वामी तुलसीदास के 'रामचरितमानस' के लंका कांड से लिया गया है, जो 'आरोह' में 'लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप' शीर्षक से संकलित है।
हनुमान संजीवनी लाए, वैद्य सुषेण के उपचार से लक्ष्मण उठकर बैठ गए।

चरण 2: पंक्ति का अर्थ:
'यह बृत्तांत दसानन सुनेऊ। अति बिषाद पुनि पुनि सिर धुनेऊ।।' अर्थात यह समाचार सुनकर रावण बहुत दुखी हुआ और बार-बार सिर पीटने लगा।
'ब्याकुल कुंभकरन पहिं आवा। बिबिध जतन करि ताहि जगावा।।' अर्थात व्याकुल रावण कुंभकरण के पास आया और अनेक उपाय करके उसे जगाया।

चरण 3: सही विकल्प की पुष्टि:
लक्ष्मण के ठीक होने से रावण को अपनी हार का डर हुआ। सोए हुए कुंभकरण को जगाने का उद्देश्य उसे युद्ध के लिए तैयार करना था।
इसलिए रावण युद्ध में सहायता पाने के लिए ही कुंभकरण के पास गया।

चरण 4: अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
केवल दुख बाँटने के लिए किसी को अनेक जतन करके नहीं जगाया जाता, इसलिए विकल्प 1 मुख्य कारण नहीं है।
हानि का वर्णन या राम की सेना के विनाश का वर्णन करना बात का साधन हो सकता है, उद्देश्य नहीं। अतः विकल्प 3 और 4 सही नहीं हैं।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 2 - युद्ध में सहायता पाने
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