Comprehension

प्रगति मैदान में बहुत से मेले लगते हैं, लेकिन विश्व पुस्तक मेला का अपना आनंद है। यह मेला नहीं, पुस्तकों के साथ जीने, उन्हें महसूस करने का उत्सव है। बीते तीन दशकों से, जब से सूचना प्रौद्योगिकी का प्रादुर्भाव हुआ है, मुद्रण तकनीक से जुड़े लोग इसी भय में जीते रहे हैं कि कहीं कंप्यूटर, टी.वी., सी.डी. की दुनिया छपे हुए अक्षरों को अपनी बहुरंगी चकाचौंध में उदरस्थ न कर ले। जैसे-जैसे चिंताएँ बढ़ी, पुस्तकों का बाजार भी बढ़ता गया। उसे बढ़ना ही था – आखिर साक्षरता दर बढ़ रही है, ज्ञान पर आधारित जीविकोपार्जन करने वालों की संख्या बढ़ रही है। पुस्तकें इंसान को वैचारिक और मानसिक दुविधाओं के प्रश्नों का विकल्प देती हैं।

असल में विश्व पुस्तक मेला सिर्फ किताब खरीदने-बेचने की जगह नहीं है। यह पुस्तक प्रेमियों की जरूरत को एक स्थान पर पूरा करने का केवल बाजार नहीं है क्योंकि केवल पुस्तक खरीदने के लिए तो दर्जनों वेबसाइट उपलब्ध हैं, जो घर बैठे किताबें पहुँचा देती हैं, बल्कि एक उत्सव है। दरअसल, पुस्तक भी इंसानी प्यार की तरह होती है, जिससे जब तक बात न करो, सामने न हो, स्पर्श न करो, अपनत्व का अहसास नहीं होता। फिर, तुलनात्मकता के लिए एक ही स्थान पर एक साथ इतने सजीव उत्पाद मिलना एक बेहतर प्रचार का विकल्प और मनोवृत्ति भी है। पुस्तक मेला एक त्योहार है, पाठकों, लेखकों, व्यापारियों, बच्चों का। हर दिन कई सौ पुस्तकों का लोकार्पण, बीस-पच्चीस गोष्ठी-विमर्श, दस-पंद्रह लेखकों से बातचीत के सत्र और बच्चों की गतिविधियाँ। ढेर सारे विचार, मतांतर एक ही छत के नीचे, पर सभी का एक ही लक्ष्य, ज्ञान को विस्तार मिले।

दिन चढ़ते ही लोग कंधे छीलती भीड़ में उचक-उचक कर लेखकों को पहचानने का प्रयास करते हैं। कहीं कविता पाठ चलता है, तो कहीं पर व्यंग्य और कहानी पेश करने का आयोजन। इस मेले की खासियत यह भी है कि दूर-दराज से आए और नए लेखक अपनी पांडुलिपियाँ लेकर प्रकाशकों को तलाशते दिखते हैं। विदेशी मंडप में भले ही अधिकांश पुस्तकें केवल प्रदर्शन के लिए होती हैं, लेकिन कुछ लोग इनसे प्रेरणा प्राप्त करते भी दिखाई देते हैं। बच्चों की नैसर्गिक रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए बाल मंडप एक महत्त्वपूर्ण आकर्षण होता है। पुस्तक मेला में दिल और दिमाग, दोनों पुस्तक के साथ धड़कते-मचलते हैं, तभी तो यह मेला नहीं हैं, आनंदोत्सव है। पुस्तकों का वसंतोत्सव है, जो आश्वस्त करता है कि मुद्रित शब्दों की शक्ति, सहकार और सौंदर्य अब भी विद्यमान है।

Question: 1

गद्यांश के आधार पर पुस्तकों का जीवन में महत्त्व है –

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पहले अनुच्छेद की अंतिम पंक्ति ध्यान से पढ़िए।
  • ज्ञान अर्जित करने के लिए
  • रोजगार प्राप्त करने के लिए
  • मनोरंजन प्राप्त करने के लिए
  • वैचारिक और मानसिक भूख शांत करने के लिए
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: संबंधित पंक्ति खोजिए:
गद्यांश के पहले अनुच्छेद में लिखा है कि पुस्तकें इंसान को वैचारिक और मानसिक दुविधाओं के प्रश्नों का विकल्प देती हैं।
यही पंक्ति पुस्तकों के महत्त्व को बताती है।

चरण 2: विकल्पों की जाँच:
विकल्प 1 में केवल ज्ञान अर्जन की बात है, जो अधूरी है।
विकल्प 2 रोजगार की बात करता है, जिसका संबंध पुस्तकों के महत्त्व से गद्यांश में नहीं जोड़ा गया।
विकल्प 3 मनोरंजन की बात करता है, जो गद्यांश में पुस्तकों का मुख्य महत्त्व नहीं बताया गया।
विकल्प 4 वैचारिक और मानसिक भूख शांत करने की बात करता है, जो गद्यांश की पंक्ति से मेल खाता है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 4 है: वैचारिक और मानसिक भूख शांत करने के लिए।
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Question: 2

सूचना प्रौद्योगिकी से अभिप्राय है –

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प्रौद्योगिकी शब्द का अर्थ तकनीक है।
  • सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाना।
  • सूचनाओं के आदान-प्रदान में तकनीक का प्रयोग करना।
  • सूचनाओं के आदान-प्रदान का विकास करना।
  • सूचना क्षेत्र में संदेश, तस्वीर या विचार दूसरे स्थान पर पहुँचाना।
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: शब्द का अर्थ समझिए:
सूचना प्रौद्योगिकी दो शब्दों से बना है: सूचना और प्रौद्योगिकी।
प्रौद्योगिकी का अर्थ है तकनीक।
अतः सूचना प्रौद्योगिकी का अर्थ है सूचनाओं के संग्रह और आदान-प्रदान में तकनीक का प्रयोग।

चरण 2: गद्यांश से संबंध:
गद्यांश में कंप्यूटर, टी.वी., सी.डी. की दुनिया का उल्लेख है, जो सूचना को तकनीक के माध्यम से पहुँचाते हैं।

चरण 3: अन्य विकल्प:
विकल्प 1 और 4 में केवल सूचना पहुँचाने की बात है, तकनीक का उल्लेख नहीं।
विकल्प 3 में केवल विकास की बात है, जो अर्थ स्पष्ट नहीं करता।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 2 है: सूचनाओं के आदान-प्रदान में तकनीक का प्रयोग करना।
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Question: 3

सूचना प्रौद्योगिकी के प्रादुर्भाव से किस क्षेत्र के लोगों को अधिक चिंता होने लगी ?

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मुद्रण तकनीक से जुड़े लोग कौन हैं, यह सोचिए।
  • छापे खाने से जुड़े लोगों को
  • तकनीक जगत से जुड़े लोगों को
  • आई.टी. जगत से जुड़े लोगों को
  • हाथ का काम करने वाले लोगों को
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

चरण 1: संबंधित पंक्ति:
गद्यांश में लिखा है: जब से सूचना प्रौद्योगिकी का प्रादुर्भाव हुआ है, मुद्रण तकनीक से जुड़े लोग इसी भय में जीते रहे हैं कि कंप्यूटर, टी.वी., सी.डी. की दुनिया छपे हुए अक्षरों को उदरस्थ न कर ले।

चरण 2: अर्थ:
मुद्रण का अर्थ है छपाई।
छपाई का काम छापेखाने में होता है।
अतः चिंता छापेखाने से जुड़े लोगों को हुई।

चरण 3: अन्य विकल्प:
तकनीक जगत और आई.टी. जगत के लोग तो इस बदलाव से लाभ पाने वाले थे, उन्हें भय नहीं था।
हाथ का काम करने वालों का गद्यांश में उल्लेख नहीं है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 1 है: छापेखाने से जुड़े लोगों को।
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Question: 4

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(I) पुस्तक मेले में सितारों और चित्रकारों से मिलने का अवसर प्राप्त होता है।

(II) सैकड़ों पुस्तकों का लोकार्पण और लेखकों के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर प्राप्त होता है।

(III) अलग-अलग मत के लोग एक छत के नीचे खड़े होकर चर्चा करते हैं।

(IV) पुस्तक मेले में घूमने-फिरने और मित्र बनाने का अवसर मिलता है।

गद्यांश के अनुसार कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?

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दूसरे अनुच्छेद में बताई गई मेले की गतिविधियों से प्रत्येक कथन का मिलान कीजिए।
  • केवल कथन (I) सही है।
  • केवल कथन (II) सही है।
  • केवल कथन (II) और (III) सही हैं।
  • केवल कथन (I) और (IV) सही हैं।
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

चरण 1: कथन (I) की जाँच:
गद्यांश में सितारों और चित्रकारों से मिलने की कोई बात नहीं है।
अतः कथन (I) गलत है।

चरण 2: कथन (II) की जाँच:
गद्यांश में लिखा है: हर दिन कई सौ पुस्तकों का लोकार्पण और दस-पंद्रह लेखकों से बातचीत के सत्र।
अतः कथन (II) सही है।

चरण 3: कथन (III) की जाँच:
गद्यांश में लिखा है: ढेर सारे विचार, मतांतर एक ही छत के नीचे।
अतः कथन (III) सही है।

चरण 4: कथन (IV) की जाँच:
घूमने-फिरने और मित्र बनाने का उल्लेख गद्यांश में नहीं है, अतः यह गलत है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 3 है: केवल कथन (II) और (III) सही हैं।
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Question: 5

गद्यांश में पुस्तक मेले को लेखक ने ‘आनंदोत्सव’ की संज्ञा दी है, क्योंकि –

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अंतिम अनुच्छेद में दिल और दिमाग वाली पंक्ति देखिए।
  • असंख्य लोग यहाँ आकर आनंद प्राप्त करते हैं।
  • असंख्य लेखक, विचारक, मंत्री और सितारे यहाँ मिलते हैं।
  • यहाँ दिल और दिमाग दोनों लगते हैं।
  • यहाँ दिल और दिमाग दोनों को खुराक मिलती हैं।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: संबंधित पंक्ति:
गद्यांश के अंतिम अनुच्छेद में लिखा है: पुस्तक मेला में दिल और दिमाग, दोनों पुस्तक के साथ धड़कते-मचलते हैं, तभी तो यह मेला नहीं है, आनंदोत्सव है।

चरण 2: अर्थ:
इसका अर्थ है कि मेले में मन को आनंद और बुद्धि को विचार दोनों मिलते हैं।
यानी दिल और दिमाग दोनों को खुराक मिलती है।

चरण 3: अन्य विकल्प:
विकल्प 1 केवल लोगों के आनंद की सामान्य बात है, कारण नहीं बताता।
विकल्प 2 में मंत्री और सितारों का उल्लेख गद्यांश में नहीं है।
विकल्प 3 में दिल और दिमाग लगने की बात है, पर तृप्ति या पोषण का भाव नहीं है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 4 है: यहाँ दिल और दिमाग दोनों को खुराक मिलती है।
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Question: 6

पांडुलिपि कहते हैं –

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पांडुलिपि वह प्रति है जो छपने से पहले लेखक के हाथ से लिखी होती है।
  • हाथ से लिखित (हस्तलिखित) प्रति को
  • पाण्डवों द्वारा लिखित प्रति को
  • नई पुस्तक की प्रति को
  • अप्रकाशित पुस्तक की प्रति को
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The Correct Option is A

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चरण 1: शब्द का अर्थ:
पांडुलिपि का अर्थ है हाथ से लिखी हुई मूल प्रति, जिसे हस्तलिखित प्रति भी कहते हैं।
लेखक किसी रचना को छपवाने से पहले उसकी जो लिखित प्रति तैयार करता है, वही पांडुलिपि है।

चरण 2: गद्यांश में प्रयोग:
गद्यांश में लिखा है कि दूर-दराज से आए और नए लेखक अपनी पांडुलिपियाँ लेकर प्रकाशकों को तलाशते दिखते हैं।
अर्थात वे अपनी लिखी हुई प्रति छपवाने के लिए लाते हैं।

चरण 3: अन्य विकल्प:
विकल्प 2 पांडवों से जोड़ना गलत है, यह केवल ध्वनि की समानता है।
विकल्प 3 नई पुस्तक की प्रति छपी हुई होती है, पांडुलिपि नहीं।
विकल्प 4 अप्रकाशित होना पांडुलिपि का एक गुण है, पर उसका मूल अर्थ हस्तलिखित प्रति ही है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 1 है: हाथ से लिखित (हस्तलिखित) प्रति को।
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Question: 7

पुस्तक मेले में इनमें से क्या नहीं होता ?

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तीसरे अनुच्छेद में बताए गए आयोजनों से विकल्पों का मिलान कीजिए।
  • कविता पाठ
  • कहानी वाचन
  • नई पुस्तक का प्रचार
  • पार्टी का प्रचार
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चरण 1: मेले की गतिविधियाँ:
गद्यांश में लिखा है: कहीं कविता पाठ चलता है, तो कहीं पर व्यंग्य और कहानी पेश करने का आयोजन।
साथ ही पुस्तकों का लोकार्पण और एक ही स्थान पर बेहतर प्रचार का विकल्प भी बताया गया है।

चरण 2: विकल्पों की जाँच:
कविता पाठ होता है, अतः विकल्प 1 मेले में होता है।
कहानी पेश करने का आयोजन होता है, अतः विकल्प 2 भी होता है।
पुस्तकों का लोकार्पण और प्रचार होता है, अतः विकल्प 3 भी होता है।
पार्टी अर्थात राजनीतिक दल के प्रचार का कोई उल्लेख नहीं है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 4 है: पार्टी का प्रचार।
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Question: 8

गद्यांश में आई “कंप्यूटर, टी.वी., सी.डी. की दुनिया छपे हुए अक्षरों को अपनी बहुरंगी चकाचौंध में उदरस्थ न कर ले।” – पंक्ति का आशय है –

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'उदरस्थ करना' का अर्थ निगलना या समाप्त करना है और 'छपे हुए अक्षर' सभी मुद्रित माध्यमों के लिए आए हैं।
  • पढ़ाई से लोगों की रुचि न हटा दे।
  • पुस्तकों का महत्त्व कम न कर दे।
  • मुद्रित पुस्तकों का महत्त्व समाप्त न कर दे।
  • मुद्रित माध्यमों को समाप्त न कर दे।
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चरण 1: पंक्ति का प्रसंग:
गद्यांश में लिखा है कि सूचना प्रौद्योगिकी के आने के बाद से मुद्रण तकनीक से जुड़े लोग इस भय में जी रहे हैं कि 'कहीं कंप्यूटर, टी.वी., सी.डी. की दुनिया छपे हुए अक्षरों को अपनी बहुरंगी चकाचौंध में उदरस्थ न कर ले।'
यहाँ 'छपे हुए अक्षर' का अर्थ है छपाई से बनने वाले सभी माध्यम, जैसे पुस्तकें, पत्रिकाएँ और समाचार-पत्र।

चरण 2: मुख्य शब्दों का अर्थ:
'उदरस्थ करना' का अर्थ है निगल जाना, अर्थात पूरी तरह समाप्त कर देना।
'बहुरंगी चकाचौंध' इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के आकर्षण की ओर संकेत करती है।
अतः भय यह है कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम छपे हुए माध्यमों को ही समाप्त न कर दें।

चरण 3: विकल्पों की जाँच:
विकल्प 1 गलत है, क्योंकि पंक्ति पढ़ाई में रुचि की नहीं, छपे माध्यम के अस्तित्व की बात करती है।
विकल्प 2 अधूरा है, क्योंकि 'महत्त्व कम होना' निगल जाने जितना गहरा भाव नहीं है।
विकल्प 3 भी अधूरा है, क्योंकि यह केवल पुस्तकों के महत्त्व तक सीमित है, जबकि 'छपे अक्षर' सभी मुद्रित माध्यमों को समेटते हैं।
विकल्प 4 सही है, क्योंकि 'उदरस्थ करना' यानी 'समाप्त कर देना' और 'छपे अक्षर' यानी 'मुद्रित माध्यम'।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4 : मुद्रित माध्यमों को समाप्त न कर दे।
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Question: 9

मुद्रण तकनीक से संबंध है –

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सोचिए कि पांडुलिपि को छपी हुई पुस्तक कौन बनाता है।
  • पत्रकार का
  • लेखक का
  • प्रकाशक का
  • अर्थशास्त्री का
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Solution and Explanation

चरण 1: गद्यांश की पंक्ति:
गद्यांश में 'मुद्रण तकनीक से जुड़े लोग' का उल्लेख है।
मुद्रण का अर्थ है छपाई, अर्थात पुस्तकों और पत्र-पत्रिकाओं को छापना।

चरण 2: मुद्रण से सीधा संबंध किसका:
पुस्तकें छापने और उन्हें बाजार तक पहुँचाने का काम प्रकाशक करता है।
गद्यांश में भी लिखा है कि नए लेखक अपनी पांडुलिपियाँ लेकर प्रकाशकों को तलाशते हैं, क्योंकि पांडुलिपि को छपी पुस्तक प्रकाशक ही बनाता है।

चरण 3: अन्य विकल्प क्यों गलत:
पत्रकार समाचार लिखता है, छपाई की तकनीक उसका काम नहीं है।
लेखक रचना लिखता है, पर उसे छापता नहीं है।
अर्थशास्त्री का मुद्रण से कोई सीधा संबंध नहीं है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 3 : प्रकाशक का।
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Question: 10

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :

कथन : विश्व पुस्तक मेला सिर्फ किताब खरीदने और बेचने की जगह नहीं है।

कारण : आज किताब खरीदने-बेचने के लिए दर्जनों वेबसाइट उपलब्ध हैं।

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गद्यांश में कथन और कारण को जोड़ने वाला शब्द 'क्योंकि' खोजिए।
  • कथन सही है, कारण गलत है।
  • कथन सही नहीं है, कारण सही है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण उसकी सही व्याख्या नहीं करता।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं, कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: कथन की जाँच:
गद्यांश में लिखा है - 'असल में विश्व पुस्तक मेला सिर्फ किताब खरीदने-बेचने की जगह नहीं है।'
अतः कथन पूरी तरह सही है।

चरण 2: कारण की जाँच:
गद्यांश में आया है - 'केवल पुस्तक खरीदने के लिए तो दर्जनों वेबसाइट उपलब्ध हैं, जो घर बैठे किताबें पहुँचा देती हैं।'
अतः कारण भी सही है।

चरण 3: दोनों का संबंध:
गद्यांश में ये दोनों बातें 'क्योंकि' शब्द से जुड़ी हैं - मेला केवल बाजार नहीं है 'क्योंकि' खरीदने के लिए तो वेबसाइट ही काफ़ी हैं।
अर्थात यदि केवल खरीदना होता तो लोग वेबसाइट से खरीद लेते, मेले में आने का कारण उसका उत्सव होना है।
इस प्रकार कारण कथन को स्पष्ट करता है।

चरण 4: अन्य विकल्प:
विकल्प 1 और 2 गलत हैं, क्योंकि कथन और कारण दोनों सही हैं।
विकल्प 3 गलत है, क्योंकि गद्यांश स्वयं कारण को कथन की व्याख्या के रूप में रखता है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4 : कथन तथा कारण दोनों सही हैं, कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
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