प्रत्यय के प्रकार हैं :
Step 1: State the taxonomy.
प्रत्यय सामान्यतः दो प्रकार के माने जाते हैं—कृत (धातु पर लगने वाले) और तद्धित (प्रातिपदिक/संज्ञा पर लगने वाले)।
Step 2: Examples.
कृत: -अ, -ना (जैसे, लेख + ना = लेखना), तद्धित: -इय, -क (जैसे, ग्राम + ईय = ग्रामीय)।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'करुण रस' का स्थायीभाव है :
'पीपर पत सरिस मन डोला' में अलंकार है :
"मुनि केवट के बैन, प्रेम लपेते अटपटे।
बिसरे करूना ऐन, चितइ जानकी लखन तनु।"
उपर्युक्त पंक्तियों में छन्द है :
'अनुचर' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है :
'वेद-पुराण' में समास है :