शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
Step 1: Understand the term.
'शुक्लोत्तर - युग' से तात्पर्य आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के बाद के हिन्दी साहित्य—आलोचना/काव्य—काल से है।
Step 2: Align authors with period.
धर्मवीर भारती नयी पीढ़ी/आधुनिक काल के प्रमुख लेखक हैं, जो शुक्लोत्तर परिप्रेक्ष्य में आते हैं। अन्य विकल्प ऐतिहासिक/विधागत रूप से इस श्रेणी से मेल नहीं खाते। अतः (4) सही है।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
रीतिकालीन कवि हैं :
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
रीतिकालीन कवि हैं :