'परमोद' शब्द का तत्सम रूप है :
Step 1: Restore tatsama spelling.
लोक-रूप 'परमोद' में 'र' की संधि/विकृति से 'प्रमोद' (आनन्द) बनता है—यह सही तत्सम है।
Step 2: Eliminate confusions.
'प्रमुद' अशुद्ध; 'प्रमाद' अर्थतः 'चूक/अविवेक'—भिन्न शब्द। अतः (3) सही।
जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे पद कहलाते हैं
कर्तृवाच्य' में प्रधानता होती है
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद हैं
पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द नहीं है
नवरत्न' में समास है