Question:

नाटक प्रतियोगिता में जब मैंने महिला पात्र का अभिनय किया — लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : 
 

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ऐसे लेखन में भावनाओं, मंचीय अनुभव, और आत्मबोध को केंद्र में रखें — पाठक जुड़ाव अनुभव करता है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

हमारे विद्यालय में वार्षिक नाट्य प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें मुझे एक ऐतिहासिक नारी पात्र का अभिनय सौंपा गया — रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका।
पहले तो मुझे संकोच हुआ कि मैं एक महिला पात्र को कैसे निभा पाऊँगा, लेकिन जब मैंने उसकी जीवनी पढ़ी, उसके संवादों को आत्मसात किया, तब समझ आया कि यह केवल अभिनय नहीं, बल्कि उस स्त्री की भावना को मंच पर जीना है।
मैंने उसकी वेशभूषा, चाल, हाव-भाव और मुख-मुद्राओं को अभ्यास के ज़रिए साकार किया।
जैसे ही मंच पर प्रवेश किया और संवाद बोले — "मैं अपनी झाँसी नहीं दूँगी", तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
उस क्षण मैंने समझा कि एक कलाकार के लिए लिंग नहीं, भाव और प्रस्तुति प्रधान होती है।
यह अनुभव न केवल अभिनय की दृष्टि से बल्कि स्त्री-शक्ति की समझ के स्तर पर भी मेरे लिए प्रेरणादायक रहा।
उस दिन मुझे अभिनय के माध्यम से स्त्री संवेदना, संघर्ष और शक्ति को दर्शाने का अवसर मिला, जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊँगा।
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