'मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के आधार पर गाँधीजी का चरित्र-चित्रण कीजिए।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
दिए गए संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ–सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
(क) किंचिद् गुरुतरं भूमेः किंचिद् उच्चतरं च खात् ?
किंचिद् शीघ्रतरं वातात् किंचिद् बहुतरं तृणात् ।
माता गुरुतरा भूमेः खात् पितोच्चतरस्तथा ।
मनः शीघ्रतरं वातात् चिन्ता बहुतरी तृणात् ॥
अथवा
(ख) हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जितवा वा भोक्ष्यसे महीम् ।
निराशिर्निर्ममो भूत्वा युध्यस्व विगतज्वरः ॥
निम्नलिखित संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
पद्यांश :
उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्।
वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः।।
निम्नलिखित संस्कृत पद्यांश का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
पद्यांश :
माता गुरुतरा भूमेः, खात् पितोच्चतरस्तथा।
मनः शीघ्रतरं वातात्, चिन्ता बहुतरी तृणात्।।
नीचे दिए गये पद्यांश का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
पद्यांश
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्॥
नीचे दिए गये पद्यांश का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
पद्यांश
माता गुरुतरा भूमेः ख्यात् पितोच्चतरस्तथा।
मनः शीघ्रतरं वातात् चिन्ता बहुतरी तृणात्॥