Question:

लेखक भीष्म साहनी के मन पर गाँधीजी के प्रभाव के कारणों की विवेचना कीजिए। 
 

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किसी लेखक के विचारों पर प्रभावों की विवेचना करते समय उनके जीवन, दृष्टिकोण और लेखन दोनों को एक साथ ध्यान में रखें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

भीष्म साहनी के मन पर महात्मा गाँधी का प्रभाव अत्यंत गहरा पड़ा। यह प्रभाव केवल उनके राजनीतिक विचारों या आंदोलनों तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके समग्र जीवन-दर्शन, सादगी और अहिंसा की नीति से लेखक अत्यधिक प्रभावित हुए।
गाँधीजी के नेतृत्व में चला स्वतंत्रता संग्राम जन-जन का आंदोलन बना और इसने लेखक के हृदय को उद्वेलित किया। उन्होंने देखा कि गाँधीजी के आह्वान पर आम लोग भी सत्य, अहिंसा और सेवा के मार्ग पर चलकर देश की आज़ादी में भाग ले रहे हैं।
भीष्म साहनी को गाँधीजी की 'कर्तव्यनिष्ठा' और 'सामाजिक न्याय' के प्रति प्रतिबद्धता ने गहराई से छुआ। उन्होंने अपने लेखन में भी गाँधीवादी दृष्टिकोण को महत्व दिया — विशेषकर वंचितों की स्थिति, सद्भाव और आत्म-सुधार जैसे विषयों पर।
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